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Tuesday, May 5, 2026

सनातन को जानो

⚜️🚩 सनातन को जानो 🚩⚜️
🕉️🚩 है सनातन धर्म के अनुयायियों! यदि तुम सनातन के वास्तविक सिद्धांतों को जानना चाहते हो, इस धर्म की वास्तविक पद्धति से रूबरू होना चाहते हो, इस महान संस्कृति के वास्तविक तत्व दर्शन का ज्ञान प्राप्त करना चाहते हो, सनातन परंपरा के महान विज्ञान को जानना चाहते हो तो आपके पास 108 उपनिषद अवश्य होने ही चाहिए। उपनिषद वेदों का अंतिम भाग हैं, इसलिए इन्हें वेदांत कहते हैं। यही वे ग्रंथ हैं, जिन में संपूर्ण संसार के ज्ञान का निचोड़ भरा हुआ है । वेद का अर्थ होता है- बोध अर्थात् ज्ञान और ज्ञान का अर्थ होता है, जानना;सिर्फ मनाना नहीं , व्यक्तिगत अनुभव से जानना। जो जैसा है, उसे वैसा ही जानना ,ज्ञान है ,बोध है और यह रिसर्च करने पर होता है, अनुसंधान करने पर होता है। प्रथमतया गुरु से सत्य का मार्ग जानो और उसे मानो किंतु मान कर बैठ मत जाओ! जिसे मान लिया ,उसे जानने की दिशा में आगे बढ़ो। आगे बढ़ते बढ़ते जिस दिन हम उसे वैसा ही जान लेंगे जैसा गुरुदेव ने बताया था , उस दिन हम ज्ञानी कहलाने योग्य होंगे , किंतु उससे पूर्व ज्ञान नहीं, उससे पूर्व सिर्फ मार्ग की यात्रा! किंतु इस ब्रह्मांड में बहुत कुछ ऐसा है जो नियति से जुड़ा है, प्रारब्ध से जुड़ा है। जन्म-जन्मांतर के कर्मों से जुड़ा है, और उसी से आगे की दिशा धारा प्रत्येक मनुष्य की निर्धारित होती है। यह हिंदू मुस्लिम  का विषय नहीं है; यह पूर्णतया विज्ञान का विषय है। यदि हमारे जीवन में जो घटने वाला है, उसकी संभावना को हम पहले ही जान जाएं तो बहुत हद तक उस संबंध में हम सतर्क हो सकते हैं, बहुत हद तक उसे बदल भी सकते हैं। और यह बदलने की प्रक्रिया हमें उस ब्रह्मांड व्यापी चेतन तत्व के प्रति आस्थावान बनाती है जो इस सृष्टि का नियंता है जो प्रत्येक कर्म का लेखा जोखा रखता है। समय आने पर उसी तरह प्रारब्ध बनकर कर्मों का फल जीवन में लौटता है ,जिस प्रकार से बबुल का बीज बोने पर कांटे एवं आम का बीज बोने पर स्वादिष्ट रसीले मीठे फल प्राप्त होते हैं । ज्योतिष को वेद की आंख कहा गया है अर्थात् ज्योतिष, "ज्ञान की आंख है"। ज्योतिष के बिना ज्ञान हमेशा अधूरा है, इसलिए यदि आप अपने आप को ज्ञानी बनाना चाहते हैं तो आपको ज्योतिष का विज्ञान समझना ही चाहिए। इसके बिना आप सनातन की महानता को कभी नहीं समझ पाएंगे। ज्योतिष किसी जात पात का विषय नहीं है ,यह विज्ञान का विषय है ; ब्रह्मांड विज्ञान का ,और इसका ज्ञान प्राप्त करने का अधिकार संपूर्ण मानव जाति को है, किंतु इस राह पर आगे बढ़ते हुए यह बात अवश्य समझ लेनी चाहिए ,ज्योतिष गणित का विषय है ,जोड़- तोड़ का विषय है, विज्ञान का विषय है ।यह इस ब्रह्मांड के नियमों के प्रति हमें आस्थावान बनाता है किंतु ज्योतिष "ज्ञान नहीं है"। यह ज्ञान की राह है, ज्ञान का मार्ग है । यह दृष्टि है किंतु दृश्य नहीं ,दृश्य कोई और है । यदि आप ज्योतिषी बन गए तो आप ज्ञानी नहीं हैं।आप मार्ग को जानने वाले तो हैं किंतु सत्य को आपने जाना नहीं है, इसलिए ज्ञानी वही है जो जप, तप ,ध्यान के मार्ग पर चलते हुए उस सत्य को व्यक्तिगत अनुभव से जान लेता है ,जो संपूर्ण सृष्टि का कारण शरीर है। 
   उपनिषद भी कोई कट्टरतावादी सिद्धांतों का प्रचार प्रसार करने वाले या ऊंच नीच भेदभाव को बढ़ावा देने वाले ग्रंथ नहीं हैं । 
ये भी विज्ञान युक्त सत्य को तथ्यों के अनुसार प्रमाणित करने वाले ग्रंथ हैं। इसी दिशा में  दर्शन ग्रंथ हैं ,ये भी सत्य विज्ञान को ही स्पष्ट करने  प्रयास कर रहे हैं। पूज्य सदगुरुदेव श्री राम शर्मा आचार्य जी द्वारा 108 उपनिषदों का संकलन तीन ग्रंथों के रूप में किया गया है--
1. उपनिषद ब्रह्म विद्या खंड 
2.  उपनिषद ज्ञान खंड
 3. उपनिषद साधना खंड 
 इन तीनों खंडों में 108 उपनिषदों का संकलन सरल हिंदी भाषा में व्याख्या करके पूज्य सद्गुरुदेव ने किया है।  मात्र सेवा शुल्क रुपए 1075 में आप घर बैठे ऑनलाइन इन ग्रंथो को मंगवा सकते हैं। साथ में युग निर्माण योजना मथुरा से ही "ज्योतिष पीयूष" नाम से एक अत्यंत महत्वपूर्ण ग्रंथ का प्रकाशन किया जा रहा है। इस ग्रंथ के माध्यम से आप सहजता से ज्योतिष विज्ञान को  सीख कर जीवन को सही दृष्टि से देखने का दृष्टिकोण विकसित कर सकते हैं। यह बेहद ज्ञान पूर्ण ग्रंथ भी सेवा शुल्क 200 रुपए मात्र में  युग निर्माण योजना मथुरा के द्वारा ऑनलाइन उपलब्ध है। इसी प्रकार से संपूर्ण  षढ दर्शन भी सेवा शुल्क मूल्य पर युग निर्माण योजना मथुरा से मंगवाये जा सकते हैं। पूज्य सदगुरुदेव द्वारा विपुल साहित्य का सृजन किया गया है, आप दिए गए नंबर पर सेवा शुल्क मूल्य के साथ साहित्य की लिस्ट भी मांग सकते हैं ,उस अनुसार साहित्य मंगवा सकते हैं। अधिक जानकारी प्राप्त करने के लिए दिए गए नंबर पर संपर्क करें। 
🚩👏 युग निर्माण योजना ट्रस्ट से ग्रंथ मंगवाने के लिए इस नंबर पर कॉल करें -941217 1035
सेवा शुल्क राशि युग निर्माण योजना ट्रस्ट के इस अकाउंट में जमा करें--
42597926175
IFS code-SBIN0002503
  ⚜️🚩 सत्यमेव जयते 🚩⚜️
 ⚜️🚩 जय गुरुदेव 🚩⚜️
 ⚜️🚩 जय मां आदिशक्ति 🚩⚜️

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