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Sunday, October 19, 2025

दीपावली

🕉️⚜️🚩🚩🚩🌞🚩🚩🚩⚜️🕉️
 🌞 आप सभी आत्मीय परिवार जनों को त्याग ,तपस्या, बलिदान एवं समस्त मानवीय मूल्यों के आगार परम चेतना मर्यादा पुरुषोत्तम प्रभु श्री राम के जहां पर कोई युद्ध नहीं होता उस पावन नगरी अयोध्या में पुनरागमन पर मनाए जाने वाले पावन दीपोत्सव प्रकाश पर्व दीपावली की हार्दिक मंगल कामनाएं, बहुत-बहुत शुभकामनाएं । 
🕉️🚩👏 जो रोम रोम में रम रहा उसे राम कहते हैं ।
जो कण-कण में जम रहा उसे राम कहते हैं।
जो हर आंख में झांक रहा उसे राम कहते हैं।
जो हर श्वास में जीवित है ,उसे राम कहते हैं।
जो हर तन में व्याप रहा, उसे राम कहते हैं।
जो तन में है ,जो मन में है ,जो सृष्टि के कण-कण में है । 
जो आगम ,निगम पुराण में, 
जो सत्य, धर्म, ईमान में। 
जो ज्ञान भी है, जो ज्ञानी भी,
 जो सृष्टि भी ,जो कारण भी ,
जो यहां भी है ,जो वहां भी है। 
 हम खोज रहे ,जिसे यहां वहां ? सच सुनो प्रिय-वह तुझ में भी, 
वह मुझ में भी। 
बस परत चढ़ी है, मन मन्दिर पर। 
उतरो गहरे, मन के अन्दर।
 वह गर्भ गृह में छिपा हुआ, 
मिल जाएगा , अपने अंदर।
 इस राम तत्व से मिलने का ;
महा उत्सव ही तो दिवाली है।
 एक कदम नीचे मेरे मित्रों , रूपवान हो जाते हो। 
इससे एक कदम नीचे ही अमृत तत्व को पा जाते हो। 
आरोग्य लेकर आते हैं , अमृत कलश के दाता । 
अपने अंदर छुपा हुआ है, संपूर्ण सत्य मेरे भ्राता।
 यह देव दानव के द्वारा समुद्र मंथन। 
तेरे अंदर ही चलने वाली प्रक्रिया है । 
यह त्रयोदशीय, यह रूप दसी, 
यह मांवस कुछ कह जाती है। जब मन तेरा मर जाता है ,
जब मन में अंधकार छाता है ।जब दुर्गुण शेष नहीं रहते, 
सत्गुणों का साम्राज्य आता है । तब वहीं पहुंच जाता है तू ;
जहां से भटकने आता है। 
फिर तेरे आने की खुशी में ,
यहां दीपोत्सव का पर्व, मनाया जाता है। 
यह भाव बडा ही गहरा है ,त्योहार बडा ही गहरा है। 
यह सत्य सनातन धर्म मेरा ;
यहां राज बड़ा ही गहरा है, यहां राज बडा ही गहरा है। 
 
  👏प्रिय आत्मजनो ! प्रभु श्री राम किसी वर्ग विशेष या संप्रदाय विशेष के अधिष्ठाता देव नहीं है,बल्कि राम संपूर्ण मानव जाति के आदर्श हैं। उनके आदर्श संपूर्ण मानव जाति के लिए मार्गदर्शक एवं पथ-प्रदर्शक हैं। राम की जय बोलने का अर्थ राम के गुणों की जय बोलना है। रावण को जलाने का अर्थ रावण रूपी दुर्गुणों को जलाने से हैं। राम कट्टरता नहीं राम आदर्श हैं। राम अभिप्क्षा नहीं राम त्याग हैं। राम उच्छृंखलता नहीं राम नियम परायणता हैं। राम कर्तव्य हीनता नहीं राम कर्तव्य निष्ठा है। राम दशरथ के नंदन ही नहीं राम पांच ज्ञानेंद्रिय एवं पांच कर्मेंद्रिय से संचालित हमारे शरीर में रहने वाली कण-कण में व्याप्त विराट चेतना है। राम अभिलाषाओं से मलिन मन नहीं ,राम निर्विकल्प निराकार सच्चिदानंद परमात्मा हैं। 
राम आम नहीं, राम खास हैं जिन्हें गहराई में ,ध्यान एवं ज्ञान की अनंत गहराई में डूब कर ही जाना जा सकता हैं।
 
👏 आप सभी आत्मीय परिवार जनों पर भगवान श्री राम ,सीता माता, लक्ष्मण भ्राता एवं संकट मोचन वीर हनुमान जी महाराज की कृपा हमेशा बनी रहे।
🚩 अवध में आनंद भयो जय श्री रामलाल की।
⚜️🚩 प्रभु श्री राम का यह अयोध्या आगमन अत्यंत विशिष्ट है । संसार में भटकी हुई हमारी आत्मा के फिर से अपने मूल स्वरूप सच्चिदानंद प्रभु परमात्मा में जाकर विलीन हो जाने की घटना का रूपांतरित स्वरूप है। गहराई से समझो यह रामायण हमारी स्वयं की कहानी है। 
 हृदय की अनंत गहराई से आप सभी आत्म परिवार जनों को एक बार फिर से प्रभु दीपोत्सव पावन पर्व दीपावली की बहुत-बहुत शुभकामनाएं, बहुत-बहुत मंगल कामनाएं। अनंत अनंत शुभकामनाएं। 
 ⚜️🚩 जय श्री राम 🚩⚜️
⚜️🚩 जय गुरुदेव 🚩⚜️
 ⚜️🚩 जय मां आदिशक्ति 🚩⚜️

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