🕉️🚩🚩🚩🚩🔥🚩🚩🚩🚩🕉️
🙏🏻🚩जय मिनेश 🚩🙏
मीणा समाज के आराध्य देव भगवान मिनेश की पावन जयंती के अवसर पर ग्राम *रानीखेड़ी* मे दिनांक 3अप्रेल 2022रविवार को बेंड बाजे के साथ धूमधाम से विशाल कलश यात्रा गाँव मे निकाली जाएगी एवं सभी ग्रामवासियो द्वारा अपना सम्पूर्ण कार्य बंद रखकर विशाल यात्रा मे सहयोग किया जायेगा एवं भगवान मिनेश की पावन जयंती मनाई जाएगी
इस अवसर पर कथा वाचक पंडित *श्री मनीष जी शर्मा (गादोला )* एवं *विजय जी शर्मा (पाड़लिया मारु )* और हमारे *गामोठ श्री दशरथ जी शर्मा भाटपिपल्या* भी इस विशाल शोभायात्रा मे पधारेंगे👏
🙏🏻सभी ग्रामवासियो से निवेदन है की अपना सहयोग कर कलशयात्रा एवं भगवान मिनेश जयंती को सफल बनाये
नोट -समापन के बाद प्रसादी वितरण किया जायेगा 👏
*🙏🏻जय मिनेश 🙏🏻
🚩जय मीणा समाज 🙏🏻*
🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩
maa: 🕉️🚩 आत्मीय परिवारजनों ! मीणा जाति के आदि आराध्य देव भगवान मिनेश श्री हरि विष्णु के अवतार हैं किंतु यहां पर इस अवधारणा को मानने वाले कितने बंधु जन है ? क्योंकि यहां पर इस अवधारणा को नकारने वालों की भी शायद कमी नहीं हैं!" धर्म "तर्क से अधिक आस्था एवं भाव का विषय होता है। भाव से ही एक व्यक्ति मित्र बन जाता है और भाव से ही एक व्यक्ति शत्रु बन जाता है। भाव से ही सारे रिश्ते नाते टिके हुए हैं और भाव समाप्त तो रिश्ते नाते भी समाप्त। सत्यता तो यह है उस परमपिता परमात्मा का कोई वास्तविक आकार नहीं है ।आप भाव पूर्ण तरीके से उसे जिस किसी भी आकार का मान लेंगे ,वह उसी आकार को ग्रहण कर लेता है ।आप यदि उसे निराकार मानते हैं तो वह निराकार है और यदि आप उसे साकार मानते हैं तो वह साकार ही है ,इसमें कोई संशय नहीं है क्योंकि भक्त के वश में है भगवान। भक्त बिना वह कुछ भी नहीं है भक्त है उसकी शान ।भगत के वश में है भगवान।
👏 सच्चे हृदय से उसे जिस रूप में भी पुकारोगे, जिस रूप में भी पूजोगे ,जिस रूप में भी मानोगे ।वह उसी रूप को ग्रहण कर लेता है। मान कर देखो स्पष्ट रूप से एहसास होगा। मैंने किया है ,करता हूंँ और करवा भी सकता हूँ। बस हृदय के अंदर आस्था एवं विश्वास होना चाहिए । इस मार्ग पर आगे बढ़ने की पहली शर्त ही यही है ।अध्यात्म का मार्ग भाव से जुड़ा हुआ है ,आस्था से जुड़ा हुआ है। जिसके मन में संशय है वह अध्यात्म मार्ग पर अपनी उन्नति में स्वयं ही सबसे बड़ी बाधा बन जाता है क्योंकि वह संशय बार-बार उसके मन को विचलित करता है और इस्लाम धर्म का सारा जोर इसी एक बात पर है कि सच्चा मुसलमान बनो !और सच्चा मुसलमान बनने की पहली शर्त है -"अल्लाह के रसूल पर ईमान लाओ ! और अल्लाह का रसूल क्या है जो मोहम्मद साहब ने कुरान में लिखा है ,उस पर कभी भी शक मत करो ,तर्क मत करो । यदि तुमने तर्क किया, शक किया तो तुम अल्लाह के आदेश को मानने से इनकार करते हो अर्थात कुफ्र करते हो । तुम्हारा ईमान कायम नहीं है ,तुम मुसलमान नहीं काफिर हो ! और काफिर को दोजक में जाना पड़ेगा। ऐसे काफिर को मार देने में भी पाप नहीं पुण्य मिलता है ,जन्नत का इनाम मिलता है। इसी एक सिद्धांत की दृढ़ता ने इस्लाम को दुनिया के आधे हिस्से में काबिज कर दिया । यह आस्था विश्वास एवं दृढ़ता का परिणाम है। आज हमारा सनातन हिंदू धर्म इसी दृढ़ता से वंचित हो जाने के कारण पतन के गर्त में गिर गया है। विधर्मी हमारी प्रत्येक मान्यता के ऊपर संशय का बीज हमारे मन मस्तिष्क में डालने का भरसक प्रयास कर रहे हैं और हम भी उनकी इस चाल में फंसते जा रहे हैं। मन मस्तिष्क में संशय उत्पन्न हो गया तो समझ लो हम पतन की राह पर आगे बढ़ चले हैं। आत्म जनों !अपने मन मस्तिष्क में संशय को मत आने दीजिए ।अपनी आस्थाओं पर, अपने विश्वास पर ,अपने धर्म पर ,दृढ़ता स्थापित कीजिए तभी आप वास्तविक रूप में सनातनी हिंदू कहलाने के अधिकारी हैं। हम किसी भी जाति के हों किंतु हम सनातनी हैं और नव वर्ष के इस शुभ अवसर पर हमारा संकल्प होना चाहिए कि हम जातिवाद से ऊपर उठकर के सत्य सनातन धर्म के अस्तित्व के लिए संकल्पित होंगे । हम धर्म को नई ऊंचाई पर ले जाने के लिए उसमें घुसा दी गई बुराइयों से लड़कर के उन्हें समाप्त करेंगे और फिर से सत्य सनातन धर्म के उस सुंदर स्वरूप को जीवंत बनाएंगे जो वैदिक युग में था, तभी मां भारती का गौरव फिर से चर्म शिखर तक पहुंचाया जा सकेगा।
⚜️🚩 जय मीनेश 🚩⚜️
⚜️🚩 जय श्री राम 🚩⚜️
⚜️🚩 जय गुरुदेव 🚩⚜️
⚜️🚩 जय मां आदिशक्ति 🚩⚜️
No comments:
Post a Comment