🕉 ईशावास्योपनिषद 🕉
⚜🚩⚜
🌞 👉व्यक्ति जब सभी जड़ चेतन सृष्टि को आत्म तत्व में ही स्थित अनुभव करता है तथा सभी जड़ चेतन के अंदर इस आत्मतत्व को समाहित अनुभव करता है तब वह किसी भी प्रकार से भ्रमित नहीं होता। वह न किसी से घृणा करता है न किसी को छोटा बड़ा मानता है। राजा और रंक में एक ही आत्म तत्व का अस्तित्व देखता है। वह समदर्शी हो जाता है।
👉यही कथन गीता में भगवान श्री कृष्ण ने कहा है कि जो सबको सम देखता है- वही मुझे प्रिय है ।अर्थात ईशावास्योपनिषद के इस श्लोक और श्रीमद भगवद् गीता के तत्व दर्शन के आधार पर स्पष्ट होता है कि प्रत्येक जड़ चेतन में परमात्मा की चेतन शक्ति ही निवास करती है तो फिर परमात्मा के अलावा इस ब्रह्मांड में कुछ है ही नहीं !!! जो छुआछूत और जातिवाद है यह परमात्मा का बनाया हुआ नहीं! यह वेद- उपनिषद, षड्दर्शन एवं गीता का ज्ञान नही! यह मानवीय मूल्यों से हीन असत्य मार्ग की ओर ले जाने वाली अंधकारमयी पाखंडवादी पद्धति का ज्ञान है। मानव मात्र ही नहीं प्राणी मात्र आत्मिक स्तर पर समान हैं । इसलिए उस परमपिता परमात्मा एवं जगत जननी मांँ की इस संपूर्ण सृष्टि को ब्रह्म भाव से देखना ही सच्चा तत्वज्ञान है ,वास्तविक सत्य दृष्टिकोण है ।ऐसा व्यक्ति ही तत्व दृष्टा ,तत्व ज्ञानी ,ब्रह्मज्ञानी कहलाने योग्य है। बाकी जिसकी दृष्टि में प्राणी मात्र में भेद है, मानव मात्र में भेद है। जो अपने को ऊंँचा और दूसरों को नीचा समझता है अभी उसने तत्वज्ञान, आत्मज्ञान, ब्रह्म ज्ञान के वास्तविक सत्य को समझना तो दूर अभी महसूस ही नहीं किया है।
🌞👉 जिस स्थिति में व्यक्ति यह मर्म जान लेता है कि यह आत्म तत्व ही समस्त भूतों के रूप में प्रकट हुआ है तो उस एकत्व की अनुभूति की स्थिति में मोह अथवा शौक कहां टिक सकते हैं? अर्थात ऐसी स्थिति में व्यक्ति मोह एवं शोक से परे हो जाता है।
🌞👉 वह परमात्मा सर्वव्यापी है तेजस्वी है। वह देह रहित स्नायु रहित एवं वर्ण रहित है, वह शुद्ध और निष्पाप है। वह कवि ,मनीषी, सर्वजयीऔर स्वयं ही उत्पन्न होने वाला है। उसने अनादि काल से ही सबके लिए यथायोग्य साधनों की व्यवस्था बनाई है। -
⚜🚩सत्यमेव जयते 🚩⚜
🚩 जय गुरुदेव 🚩
⚜️🚩 जय मां आदि शक्ति 🚩⚜️
Wikipedia
Search results
Saturday, January 4, 2020
ईशावास्योपनिषद
Subscribe to:
Post Comments (Atom)
मंदिर की पुकार
🕉️🚩🚩 मंदिर की पुकार🚩🚩🕉️ 🕉️ रुको ! रुको ! अरे! कुछ देर रुको! कहां देखते हो ? मैं कोई और नहीं! मैं वही हूं ,जिसके दरवाजे पर तुम खड़े...
-
🕉विज्ञान भैरव तंत्र 🕉 ⚜🚩⚜ ⚜धारणा 3 ⚜ https://maa-aadishaktikundaliniyog.in/ 🌞👉 भगवान शिव माता पार्वती को...
-
🕉🌞 जाबाल दर्शनोपनिषद 🌞🕉 🔥 🌞 दशम खंड 🌞 🚩 समाधि 🚩 🌞👉 भगवान दत्तात्रेय कहत...
-
🕉🌞🌞🌞🚩🌞🌞🌞🕉 ⚜🚩⚜ ❓अगर किसी ने कभी भी आज्ञा चक्र के अलावा किसी ओर चक्र पर ध्यान नही किया क्या फिर भी उसकी कुंडलिनी...
No comments:
Post a Comment