Wikipedia

Search results

Tuesday, May 5, 2026

वृंदावन में लूट

⚜️🚩 🚩वृंदावन में  लूट 🚩🚩⚜️
                  🔥

🕉️🚩 आज मैं जिस विषय पर लिखने जा रहा हूं यह अंतरात्मा के दर्द की उपज है। purnatya vishuddh Vigyan per aadharit Sansar ke ekmatra Dharm Sanatan Dharm ki vartman durdasha Dekhkar Bada Dard Hota Hai. Aisa Hi Dard Hamare Tirth sthalon per Jaane per bhi Hota Hai aur usmein Vrindavan ka sthan Shayad Pratham Sthan per Aata Hai. बड़े-बड़े कथा वाचक वृंदावन में बैठे हुए हैं ,किंतु क्या धर्म के नाम पर वृंदावन में व्याप्त लूट के ऊपर   कभी कुछ बोल पाते हैं? बडे़-बडे़ शंकराचार्य मठाधीश हैं । क्या धर्म में व्याप्त हो चुकी इन विकृतियों पर कभी एक शब्द बोल पाते हैं । जो धरती भगवान श्री कृष्ण के आने से पवित्र हुई थी, वहां पर अब इतने पाखंडियों ,कपटियों, लुटेरों एवं पापियों ने कब्जा जमा लिया है, कि वहां पर अब पवित्रता बची ही नहीं है। ऑटो रिक्शा वालों से लेकर, मंदिर के पुजारी तक सबके सब गिद्ध रूप में दिखाई देते हैं, जो वहां पर जाने वाले श्रद्धालु भक्तों को नोंच कर खा जाना चाहते हैं। कदम कदम पर यहां पर एक लुटेरे से आपका सामना होता है और इनसे बचने के लिए ना तो कोई धार्मिक संस्था और ना ही सरकारी तंत्र आपकी मदद करता है । अधिकांश धार्मिक संस्थानों में धर्म के नाम पर लूट का साम्राज्य देखा जा सकता है। भगवान के निमित्त यदि भक्त श्रद्धा एवं भाव से कुछ अर्पित करता है तो वह उसका समर्पण होता है, उसकी श्रद्धा होती है, उसका विश्वास ऐसा करने के लिए उसे प्रेरित करता है किंतु यदि धर्म के नाम पर उसे मजबूर किया जाए, प्रताड़ित किया जाए ,उसके साथ गाली गलौज करने जैसी स्थितियां बने तो क्या यह धर्म है? क्या इन महान ज्ञानवान संत महात्माओं को धर्म के नाम पर हो रहा यह अधर्म ,यह पाखंड दिखाई नहीं दे रहा है? मंदिरों में जिस प्रकार से लूट मचा रखी है; क्या इन अंधों को यह दिखाई नहीं देता है? और यदि दिखाई देता है तो फिर इनकी आवाज  क्यों नहीं निकलती है? धर्म के साथ धोखा कब तक चलेगा? धर्म के साथ गद्दारी कब तक चलेगी? धर्म के नाम पर सिर्फ और सिर्फ व्यापार ,कब तक चलेगा? धर्म के नाम पर भय का बाजार कब तक चलेगा? 
   🚩👏 सनातन धर्म को जितना खतरा बाहरियों से नहीं है, उससे कई हजार गुना अधिक खतरा धर्म के अंदर घुस चुके पाखंडियों से हैं। जिन्होंने धर्म को लूट का बाजार बना लिया है। इस पाखंडवाद का उन्मूलन होना चाहिए। और यदि यह उन्मूलन नहीं हो रहा है और दबे मुंह इसे प्रोत्साहन दिया जा रहा है तो निश्चित मान लीजिए, सनातन धर्म के साथ बहुत बड़ी गद्दारी हो रही है। yah Kisi vyakti ke sath Nahin balki Dharm ke sath Dhokha Kiya ja raha hai । यदि इस पाखंड वाद पर कोई कुछ बोलना नहीं चाहता तो निश्चित मान लीजिए ;धर्म पर कालनेमि रूपी पाखंडियों का कब्जा हो गया है। जिन्होंने त्याग, तपस्या बलिदान, परोपकार के प्रतिरूप, ब्रह्म स्वरूप, "ब्राह्मणत्व "को नष्ट करके लोभ, लालच ,कपट, काम, क्रोध रूपी राक्षसत्व को धर्म प्रतिष्ठानों पर काबिज कर दिया है । इन राक्षसी प्रवृत्तियों के संवाहकों को इन धर्म स्थानों से खदेड़ने की आवश्यकता है; वरना  ये धर्म क्षेत्र सिर्फ लूट का बाजार एवं पाखंड क्षेत्र बनकर रह जाएंगे। 
 🚩👏 भारत भूमि देवभूमि है Rishi ,Muni, tapasviyon ki Tapasya sthaliy hai । आओ फिर से इस देवभूमि में सच्चे ब्रह्म तत्व की स्थापना करें, जिससे कि फिर से सच्चे अर्थ में धर्म की स्थापना हो सकें। सनातन धर्म को पाखंडियों के चंगुल से मुक्त करें ,इसे लूट का बाजार नहीं बनने दें। जिसमें त्याग है ,तपस्या है, चरित्र है, तपोबल है ,लोभ, लालच, काम, क्रोध का अंश मात्र भी नहीं है। जो भेद दृष्टि से रहित है, जो समस्त प्राणी मात्र के लिए करुणा युक्त है ,जो कण-कण में ब्रह्म का दर्शन करता है; जिसके लिए यह संपूर्ण ब्रह्मांड ब्रह्म ही है। जो हर पल हर क्षण ब्रह्म भाव में विद्यमान रहता है" ऐसा ब्राह्मण दुर्लभ है! "वंदनीय है, पूजनीय है। स्वयं ब्रह्म स्वरुप है स्वयं परमात्म स्वरुप है , Kintu Jo एक-एक Paise Ke Liye Jhooth bolata hai ,Chhal karta hai, Kapat karta hai गाली-गलौच per utaru ho jata hai ;Jise sirf Bina Parishram ke Dhan chahie ! vah Sab Kuchh ho sakta hai Kintu Brahman Kabhi Nahin ho sakta, Kabhi Bhi Nahin!  वर्तमान में पाखंडियों ने ब्रह्म तत्व की परिभाषा ही बदल दी है और इसीलिए मेरा धर्म पतन के गर्त में गिरता चला जा रहा है। 
🚩👏 आओ धर्म को धोखे से बाहर निकालें, लुटेरों के कब्जे से बाहर निकालें । सनातन सत्य एवं विशुद्ध विज्ञान आधारित था है और हमेशा रहेगा किंतु इस पर पाखंडवाद ने कब्जा जमा लिया है, इसे पाखंड आधारित बना दिया गया है। आओ धर्म की रक्षा करें और अधर्म का नाश करें। जहां-जहां भी धर्म के नाम पर लूट मची हैं,इसका पुरजोर विरोध करें और ऐसे धर्म के गद्दारों को जूते मार कर बाहर भगाएं। इन लुटेरों की वजह से सनातन बदनाम हो रहा है, बर्बाद हो रहा है।  याद रखिए ऐसा करने वाले या करवाने वाले ये ब्राह्मण नहीं हैं। इन्हें ब्राह्मण कह कर ब्राह्मणत्व  का अपमान कभी न करें । ये ब्राह्मण के वैश में काल नेमी बहरूपिया हैं, जो धर्म को निरंतर धोखा दे रहे हैं और धर्म कर्म के नाम पर अधर्म का साम्राज्य फैला रहे हैं।
⚜️🚩👏 निश्चित ही  शब्द कड़वे हैं किंतु दवा कभी मीठी नहीं हो सकती। यदि बीमारी को ठीक करना है तो कड़वी दवाई देनी ही पड़ेगी। 
     ⚜️🚩 सत्यमेव जयते 🚩⚜️
⚜️🚩 धर्म की जय हो ,अधर्म का नाश हो 🚩⚜️
               -- सनातनी हिंदू योगाचार्य रामेश्वर मानव
    ⚜️🚩 जय श्री कृष्णा 🚩⚜️
       ⚜️🚩 जय श्री राम 🚩⚜️
     ⚜️🚩 जय गुरुदेव 🚩⚜️
     ⚜️🚩 जय मां आदि शक्ति 🚩⚜️
  

No comments:

Post a Comment

मंदिर की पुकार

🕉️🚩🚩 मंदिर की पुकार🚩🚩🕉️ 🕉️ रुको ! रुको ! अरे! कुछ देर रुको!  कहां देखते हो ? मैं कोई और नहीं!   मैं वही हूं ,जिसके दरवाजे पर तुम खड़े...