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Saturday, July 13, 2019

कुंडलिनी जागरण के क्या लाभ हैं ???

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❓ कुंडलिनी जागरण के क्या लाभ हैं ?आखिर इस साधना को क्यों करें? क्या हर व्यक्ति कुंडलिनी जागरण कर सकता है?

🌞 👉यदि कुंडलिनी जागरण इतना अधिक  आसान होता तो आज हर कोई सिर्फ जिज्ञासु बनकर बैठा नहीं होता!! हर कोई कुंडलिनी शक्ति को जागृत करके अपने आप को महान चमत्कारी एवं ऊर्जा का दिव्य पुंज बना चुका होता । यहां पर विशेष रूप से समझने का विषय यही है कि जितना  प्रयास आप इस मार्ग पर करते हो उतनी ही आपके अंदर साधना के पहले दिन से ही दिव्य चेतना जागृत होती चली जाती है ।आप संपूर्ण रूप से चमत्कारी बन पायें या नहीं किंतु आपके अंदर अद्भुत दिव्य गुण एवं कौशल निश्चित रूप से जागृत होंगे। इसमें कोई दो राय नहीं । यदि आप सतत साधना मार्ग पर आगे बढ़ते हैं । हौंसला नहीं हारते एवं साधना को जीवन का अभिन्न अंग बना लेते हैं तो एक  दिन आपका आज्ञा चक्र भी जागृत होगा और मूलाधार चक्र से ऊर्जा का प्रवाह सहस्रार चक्र की ओर भी निश्चित रूप से होगा। इस साधना की ऊर्जा जन्म जन्मांतर तक आपके सूक्ष्म शरीर के साथ जुड़ जायेगी । इसलिए यदि इस जन्म में  यह लक्ष्य पूरा न हो सका तो निश्चित ही अगले जन्म में आपको यह लक्ष्य  प्राप्त होकर रहेगा क्योंकि अगले जन्म में आपको फिर उतना प्रयास नहीं करना पड़ेगा। साथ ही आपका जन्म ऐसे परिवार में होगा जहां पर साधना के अनुकूल वातावरण पहले से ही उपलब्ध होगा। हर प्रकार की सुविधाओं से युक्त परिवार होगा। आप जब नियमित रूप से  कुंडलिनी जागरण की साधना करते हैं  तो  आप  अपने शारीरिक ,मानसिक एवं आध्यात्मिक विकास के अलावा  जीवन में बहुत कुछ ऐसा है ,जिसे बदलता हुआ स्पष्ट रूप से देख पाएंगे ।इस संसार सागर में आप बड़ी से बड़ी परेशानी से बाहर निकलने में समर्थ होंगे ।परेशानियां मुसीबतें आएंगी  किंतु आप से टकराकर चकनाचूर हो जाएंगी ।बड़ी से बड़ी परेशानी भी आप का कुछ नहीं बिगाड़ पाएगी ।आपको स्पष्टतया अनुभव होता रहेगा कि उस मां का  वरदहस्त मेरे सर के  ऊपर है। इसलिए इस साधना में कहीं पर भी कोई हानि नहीं । आप शारीरिक ,मानसिक एवं आध्यात्मिक रूप से चरमोत्कर्ष को प्राप्त करते चले जायेंगे । आपकी क्षमता  अनंत विकसित होती चली जायेगी , सिर्फ अद्भुत चमत्कारों के लिए ही कुंडलिनी साधना का मार्ग अपनाना ,यह तर्कसंगत नहीं है । बल्कि शारीरिक ,मानसिक एवं आध्यात्मिक  विकास के लिए कुंडलिनी मार्ग पर चलना तर्कसंगत है और कुछ ही वर्ष के साधनात्मक अभ्यास से ,आप अपने संपूर्ण व्यक्तित्व को बदलता हुआ देख पाएंगे। इसमें कोई संशय नहीं। यदि आप पूर्ण तल्लीनता एवं अनुशासित जीवन जीते हुए साधना पथ पर अग्रसर हुए तो यह जन्म भी बहुत लंबा है, इस शक्ति का संपूर्ण साक्षात्कार करने के लिए । बस आपका साधना के प्रति विश्वास ,साहस ,उत्साह और दृढ़ संकल्प ही है जो आपको आगे लेकर जाएगा। यह मार्ग सिर्फ और सिर्फ पुरुषार्थीयों का है ।कर्म हीनों के लिए इस मार्ग में कुछ भी प्राप्त कर पाना असंभव है ।
                                -- रामेश्वर हिंदू
                  सत्यमेव जयते

         ⚜🚩जय मां आदिशक्ति 🚩⚜

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